मरवाही/रिपोर्ट: गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले की मरवाही जनपद का अमेराटिकरा ग्राम पंचायत मे भ्रष्टाचार का नया अड्डा बन गई है? पंचायत के विकास के लिए आए 15वें वित्त आयोग के पैसों पर आखिर किसने डाका डाला है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि पंचायत में सरकारी पैसों की हेराफेरी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। लेकिन उससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि जब जांच दल ने जवाब-तलब किया, तो खुद को पाक-साफ़ बताने वाले जिम्मेदार जांच के नाम से ही रफूचक्कर हो गए!
’कठपुतली’ सरपंच और पर्दे के पीछे का खेल :-
यह पूरा गोरखधंधा तब सामने आया जब वार्ड क्रमांक 5 के पंच रपट सिंह तंवर ने जनपद पंचायत में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में सीधा आरोप है कि अमेराटिकरा पंचायत में चुनी हुई सरपंच ललीता परस्ते महज़ नाम की सरपंच हैं। पंचायत का कामकाज और कुर्सी कोई और ही व्यक्ति संभाल रहा है। इसी ‘प्रॉक्सी सरपंच’ राज की आड़ में 15वें वित्त आयोग के पैसों को गलत तरीके से निकाल लिया गया है। जनता के हक़ के पैसों की यह बंदरबाट सीधे तौर पर एक बड़े घोटाले की ओर इशारा कर रही है।
जांच से भागते जिम्मेदार: दाल में काला है या पूरी दाल ही काली है?
इस फर्जीवाड़े की बू जब जनपद पंचायत मरवाही के गलियारों तक पहुंची, तो मुख्यमंत्री जनदर्शन के टोकन और जनपद के आदेश के तहत एक जांच दल गठित किया गया। जांच अधिकारी एस.पी. मरकाम ने वर्तमान सरपंच ललीता परस्ते, पूर्व सरपंच देवेन्द्र परस्ते और पूर्व सचिव बलराम मार्को को 4 जुलाई 2026 (शनिवार) को दोपहर 12 बजे पूछताछ के लिए तलब किया था। लेकिन चोरी और ऊपर से सीनाजोरी देखिए! ये तीनों ही जांच दल के सामने पेश होने की हिम्मत नहीं जुटा सके और नदारद रहे। इनका जांच से इस तरह कन्नी काटना यह साफ दर्शाता है कि मामले में कुछ तो ऐसा है जिसे छिपाने की पुरजोर कोशिश की जा रही है।
अब मिला है आखिरी अल्टीमेटम :-
जांच से आंख-मिचौली खेल रहे इन लोगों को अब जांच अधिकारी ने ‘स्मरण पत्र’ भेजकर सख्त अल्टीमेटम दिया है। इन्हें दो टूक चेतावनी दी गई है कि आगामी 9 जुलाई 2026 (गुरुवार) को सुबह 11 बजे हर हाल में जनपद पंचायत मरवाही में उपस्थित हों। अगर वे वहां नहीं पहुंचते हैं, तो उसी दिन दोपहर 2 बजे पंचायत भवन अमेराटिकरा में उन्हें हाजिर होना ही पड़ेगा।
अब देखना होगा :-
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या 9 जुलाई को ये जिम्मेदार अधिकारी जांच के तीखे सवालों का सामना करेंगे या फिर एक बार फिर कोई बहाना बनाकर भाग निकलेंगे? आखिर अमेराटिकरा की जनता के पैसों को डकारने वाला असली ‘मास्टरमाइंड’ कौन है? प्रशासन को इस मामले में सख्ती दिखाते हुए दोषियों से पाई-पाई का हिसाब लेना ही होगा।






























