मोदी सरकार जल्द ही देश की युवा पीढ़ी यानी Gen-Z से सीधे संवाद बढ़ाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी में है। PTI के सूत्रों के मुताबिक, सरकार की योजना के तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री किसी एक विश्वविद्यालय का दौरा करेंगे। इस पहल का उद्देश्य युवाओं से सीधे बातचीत करना, उनकी चिंताओं और समस्याओं को समझना और देश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार जानना है। आइए जानते हैं सरकार की इस प्रस्तावित योजना से जुड़ी अब तक सामने आई अहम जानकारी।
क्या है ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ योजना?
सूत्रों के अनुसार, सरकार जल्द ही ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ अभियान को जमीन पर उतार सकती है। इसके तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री को किसी विश्वविद्यालय का दौरा करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस दौरान मंत्री छात्रों के साथ संवाद करेंगे और विभिन्न मुद्दों पर उनके विचार जानेंगे।
इसके अलावा, छात्रों और युवाओं को सरकार की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। सरकार का फोकस युवाओं के साथ सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी अपेक्षाओं को समझने पर रहेगा।
इन मंत्रियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालयों और केंद्रीय मंत्रियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और मंत्रियों के दौरों को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने की जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को सौंपी गई है।
बताया जा रहा है कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भी ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ पहल पर चर्चा हुई। सरकार की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देश के कई हिस्सों में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन देखने को मिले हैं।
गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी युवाओं को लेकर कई बड़े ऐलान किए थे। इनमें युवाओं को ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने और एक साल में एक करोड़ लोगों को AI की ट्रेनिंग देने की योजना शामिल है।
देश में कितने विश्वविद्यालय हैं?
Gen-Z तक पहुंच बनाने के लिहाज से सरकार की यह पहल काफी अहम मानी जा रही है। UGC के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में करीब 1,300 विश्वविद्यालय हैं। इनमें 57 केंद्रीय विश्वविद्यालय और 522 राज्य विश्वविद्यालय शामिल हैं। इसके अलावा देश में डीम्ड और निजी विश्वविद्यालय भी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
अगर ‘एक दिन, एक यूनिवर्सिटी’ योजना लागू होती है, तो इसके जरिए सरकार को देशभर के विश्वविद्यालयों के छात्रों तक सीधे पहुंच बनाने और युवा पीढ़ी के साथ संवाद को और मजबूत करने का अवसर मिल सकता है।






























