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कटघोरा/बिलासपुर। आरोपी को पकड़ने पुलिस टीम गुरुग्राम पहुंची, लेकिन वापसी से पहले ऐसा मामला सामने आया कि खुद पुलिस विभाग में ही हड़कंप मच गया। ट्रेन से जाने के लिए निर्धारित पुलिस टीम ने हवाई सफर कर लिया और आरोप है कि फ्लाइट टिकट का खर्च भी विभागीय प्रक्रिया से नहीं, बल्कि प्रार्थी की जेब से लिया गया। शिकायत हुई, जांच बैठी और जांच के बाद बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने एक साथ 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित होने वालों में कटघोरा थाना प्रभारी निरीक्षक मोती पटेल भी शामिल हैं। कार्रवाई ने कटघोरा पुलिस महकमे में खलबली मचा दी है।
आरोपी को पकड़ने गए थे गुरुग्राम, खर्च ने खोल दिया पूरा मामला
मामला कटघोरा थाना क्षेत्र में दर्ज धोखाधड़ी और चोरी के प्रकरण से जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक कृष्णा जेसीबी कंपनी से संबंधित मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को हरियाणा के गुरुग्राम भेजा गया था।
पुलिस टीम की यात्रा को लेकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ट्रेन से जाना था, लेकिन आरोप है कि टीम ने नियमों को दरकिनार कर फ्लाइट से गुरुग्राम की यात्रा की।
सवाल तब और बड़ा हो गया, जब शिकायत में यह बात सामने आई कि आठ सदस्यीय पुलिस टीम के हवाई टिकट का खर्च प्रार्थी से लिया गया।
यानी आरोपी की तलाश में निकली पुलिस टीम की यात्रा का खर्च आखिर किसके खाते से गया? इसी सवाल ने पूरे मामले की जांच का रास्ता खोल दिया।
शिकायत पहुंची वरिष्ठ अधिकारियों तक, फिर शुरू हुई जांच
यात्रा और खर्च को लेकर प्रार्थी ने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष शिकायत की। शिकायत के बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच कराई। जांच में पुलिस टीम की यात्रा, भुगतान और उससे जुड़ी प्रक्रिया के संबंध में कई तथ्यों की पड़ताल की गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में वित्तीय अनियमितता और नियमों की अनदेखी के तथ्य सामने आने के बाद बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने कार्रवाई की।
एक साथ आठ पुलिसकर्मियों का निलंबन इस मामले की गंभीरता को साफ तौर पर दिखाता है।
इन 8 पुलिसकर्मियों पर गिरी निलंबन की गाज
1. निरीक्षक मोती पटेल — थाना प्रभारी, कटघोरा
2. उप निरीक्षक राम पाण्डेय — प्रभारी अधिकारी
3. प्रधान आरक्षक गुनाराम सिन्हा — क्रमांक 381
4. प्रधान आरक्षक गोपाल यादव — क्रमांक 392
5. प्रधान आरक्षक राजेश कंवर — क्रमांक 35
6. आरक्षक प्रदीप राठौर — क्रमांक 747, थाना कटघोरा
7. आरक्षक सुशील यादव — क्रमांक 41, साइबर सेल
8. आरक्षक प्रशांत सिंह — क्रमांक 08, रक्षित केंद्र कोरबा
सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
एसपी ने कहा—जांच अभी जारी है
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने भी मामले में कार्रवाई की पुष्टि की है। उनका कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यानी अभी निलंबन के बाद भी कहानी खत्म नहीं हुई है। जांच के निष्कर्ष यह तय करेंगे कि मामले में आगे और क्या कार्रवाई होती है।
कटघोरा थाना पहले भी रह चुका है सुर्खियों में
कटघोरा थाना इससे पहले भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहा है। कुछ समय पहले थाने के सामने कबाड़ से लदी एक गाड़ी कई दिनों तक लावारिस खड़ी रहने और कथित लापरवाही के मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई थी।
अब एक बार फिर कटघोरा थाना सुर्खियों में है—इस बार वजह गुरुग्राम की यात्रा, फ्लाइट टिकट और प्रार्थी से खर्च लिए जाने की शिकायत बनी है।
कार्रवाई से साफ संदेश—वर्दी बड़ी हो सकती है, नियम उससे बड़े हैं
बिलासपुर रेंज आईजी की इस कार्रवाई को पुलिस विभाग में अनुशासन, जवाबदेही और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर कड़ा संदेश माना जा रहा है।
पुलिस का काम अपराधियों तक पहुंचना है, लेकिन उस रास्ते में विभागीय नियमों को पीछे छोड़ देना सवाल खड़े करता है। फिलहाल जांच जारी है और अंतिम जिम्मेदारी जांच के निष्कर्षों से तय होगी।
एक आरोपी की गिरफ्तारी के लिए निकली पुलिस टीम की कहानी अब आठ निलंबनों तक पहुंच गई है। गुरुग्राम में आरोपी की तलाश कितनी सफल रही, यह अपनी जगह—लेकिन इस यात्रा ने पुलिस विभाग के भीतर नियमों और जवाबदेही को लेकर एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।






























