कभी नक्सलियों का गढ़ रहा बस्तर संभाग अब पूरी तरह से नक्सलमुक्त हो चुका है। अब नक्सलियों की मांद में गोली नहीं बल्कि विकास की बयार बह रही है। अपना बस्तर बदल रहा है। ऐसे में जो नक्सली सरेंडर कर चुके हैं, उन्हें राज्य की साय सरकार मुख्यधारा से जोड़कर जीनव की नैया आगे बढ़ा रही है। उन्हें प्रोत्साहित कर रोजगार दे रही है। जीवकोपार्जन के तमाम साधन मुहैया करा रही है।
सरेंडर नक्सली मुख्यधारा से जुड़कर अब हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में पहली बार छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में सरेंडर महिला नक्सली भी पहुंची। पहली बार राजधानी में ऐसा नजारा देखकर लोग हैरान और दंग रह गये। सरेंडर महिला नक्सलियों ने एक प्रोफेशनल मॉडल की तरह रैंप वॉक कर सबको हैरत में डाल दिया। लोग आश्चर्यचकित रह गये।
इस दौरान उनकी भावभंगिमा, छत्तीसगढ़ी परिधानों से सजी वेशभूषा, छत्तीसगढ़ी गहनें लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहे। मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर उनका सम्मान किया।
तालियों की गड़गड़ाहट से सरेंडर महिला नक्सलियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से बातचीत की। उन्हें बधाई और शुभकामनायें देते हुए उत्साह बढ़ाया।


































