बिलासपुर, 13 अगस्त। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत डीपी विप्र महाविद्यालय, बिलासपुर में स्थानीय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के सहयोग से टीबी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य एनसीसी कैडेट्स को क्षय रोग (टीबी) के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें टीबी उन्मूलन अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से पधारीं श्रीमती ए. सरिता एवं श्री आशीष सिंह ने एनसीसी कैडेट्स को टीबी रोग के कारण, लक्षण, बचाव, समय पर जांच, उपचार तथा सरकार द्वारा उपलब्ध निःशुल्क उपचार सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समय पर पहचान एवं नियमित उपचार से टीबी पूर्णतः ठीक हो सकती है। साथ ही उन्होंने एनसीसी कैडेट्स से आह्वान किया कि वे अपने परिवार, पड़ोस एवं समाज में टीबी के प्रति जन-जागरूकता फैलाकर भारत को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग दें।

कार्यक्रम के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स के मध्य हैंडमेड पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें कैडेट्स ने टीबी उन्मूलन, स्वच्छता, स्वास्थ्य जागरूकता एवं जनभागीदारी पर आधारित आकर्षक एवं संदेशपरक पोस्टर प्रस्तुत किए।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. एस. तंबोली ने अपने उद्बोधन में कहा, “प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनभागीदारी का राष्ट्रीय अभियान है। जब विद्यार्थी और युवा वर्ग इस अभियान से जुड़ते हैं, तब समाज में जागरूकता तेजी से बढ़ती है। एनसीसी कैडेट्स अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना के साथ लोगों तक सही जानकारी पहुंचाकर टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”
कार्यक्रम का संचालन एवं नेतृत्व एनसीसी अधिकारी कैप्टन डॉ. आशीष शर्मा ने किया। उन्होंने कहा, “एनसीसी का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायी नागरिक तैयार करना भी है। टीबी जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। हमारे कैडेट्स ‘टीबी मुक्त भारत’ अभियान के संदेश को घर-घर तक पहुंचाने, लोगों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करने तथा स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। जनसहभागिता से ही भारत को टीबी मुक्त बनाने का संकल्प साकार होगा।”

इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ. मनीष तिवारी, डॉ. किरण दुबे, डॉ. जयंत राय, डॉ. ए. श्रीराम सहित महाविद्यालय के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने टीबी के प्रति जागरूकता फैलाने तथा भारत को टीबी मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प में सक्रिय सहभागिता निभाने का संकल्प लिया।






























